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ऊर्जा उत्पादन के लिए हाइड्रोलिक टर्बाइनों के 12 प्रकार

हाइड्रोलिक टर्बाइनों के 12 प्रमुख प्रकारों के बारे में जानें जो ऊर्जा उत्पादन में उपयोग किए जाते हैं। प्रत्येक टर्बाइन की विशेषताएं और कार्यप्रणाली।

ऊर्जा उत्पादन के लिए हाइड्रोलिक टर्बाइनों के 12 प्रकार

ऊर्जा उत्पादन के लिए हाइड्रोलिक टर्बाइनों के 12 प्रकार

हाइड्रोलिक टर्बाइन ऊर्जा उत्पादन के लिए जल के प्रवाह का उपयोग करने वाले यंत्र होते हैं। जल विद्युत संयंत्रों में हाइड्रोलिक टर्बाइन सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यहां हम हाइड्रोलिक टर्बाइनों के 12 प्रमुख प्रकारों के बारे में चर्चा करेंगे:

  • फ्रांसिस टर्बाइन (Francis Turbine)
  • पेल्टन टर्बाइन (Pelton Turbine)
  • कापलान टर्बाइन (Kaplan Turbine)
  • बन्क टर्बाइन (Banki Turbine)
  • एक्सल टर्बाइन (Axial Turbine)
  • मिक्रो हाइड्रो टर्बाइन (Micro Hydro Turbine)
  • क्रॉस-फ्लो टर्बाइन (Cross-Flow Turbine)
  • सेवोनीस टर्बाइन (Savonius Turbine)
  • कुट्टरियन टर्बाइन (Centrifugal Turbine)
  • टर्बोगो (Turgo Turbine)
  • ग्रॉस मोटर टर्बाइन (Gorlov Helical Turbine)
  • अंडरशॉट व्हील (Undershot Wheel)
  • फ्रांसिस टर्बाइन

    फ्रांसिस टर्बाइन में जल आवक पथ चक्करों के माध्यम से प्रवाहित होता है जो टर्बाईन के पंखों पर ऊर्जा स्थानांतरित करता है। यह टर्बाइन आबधीय और धारा दोनों स्थितियों के लिए उपयोगी होती है।

    पेल्टन टर्बाइन

    पेल्टन टर्बाइन उच्च हेड डाउनफॉल के लिए प्रयुक्त होता है। यह एक इम्पल्स टर्बाइन होता है जिसमें जेट प्रवाह टर्बाइन के पेल्टन कप्स पर टकराती है जिससे ये घूमती हैं।

    कापलान टर्बाइन

    कापलान टर्बाइन कम हेड, उच्च प्रवाह अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त हैं। यह एक रिएक्शन टर्बाइन होकर इसकी पंख नियंत्रनीय होती हैं ताकि पानी के प्रवाह के अनुसार इन्हें समायोजित किया जा सके।

    बन्क टर्बाइन

    बन्क या क्रॉस-फ्लो टर्बाइन जेट्स के क्रॉसिंग पाथ पर आधारित होते हैं और मध्यम प्रवाह और हेड के लिए प्रयोग किए जाते हैं। ये सामान्यतः छोटी हाइड्रो परियोजनाओं में उपयोग किए जाते हैं।

    एक्सल टर्बाइन

    ये टर्बाइन जल के अक्षीय प्रवाह पर आधारित होते हैं जहां जल पंखों के समानांतर दिशा में बहता है। ये बड़े और शक्तिशाली टर्बाइन होते हैं।

    मिक्रो हाइड्रो टर्बाइन

    ये टर्बाइन छोटी क्षमता वाली होती हैं और ग्रामीण इलाकों में बिजली उत्पादन के लिए उपयोग की जाती हैं। ये 100 किलोवाट या उससे कम बिजली उत्पादन क्षमता वाली होती हैं।

    क्रॉस-फ्लो टर्बाइन

    क्रॉस-फ्लो टर्बाइन में जल प्रवाह टर्बाइन के पंखों सेट के पार प्रवाहित होता है। यह डिजाइन इन्हें छोटे प्लांट्स के लिए उपयुक्त बनाता है।

    सेवोनीस टर्बाइन

    ये वर्टिकल एक्सिस टर्बाइन होती हैं और इन्हें जल के धीमे प्रवाह क्षेत्रों के लिए डिजाइन किया गया है।

    कुट्टरियन टर्बाइन

    इन टर्बाइनों में जल प्रवाह सेंट्रिपटल फोर्स का उपयोग करती है और ये प्रमुखतः औद्योगिक एप्लिकेशनों में प्रयोग की जाती हैं।

    टर्बोगो टर्बाइन

    यह इम्पल्स टर्बाइन होती है जो मध्यम हेड और प्रवाह अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त है। इसकी डिजाईन सरल और संचालन में आसान होती है।

    ग्रॉस मोटर टर्बाइन

    यह हेलीकल डिजाईन की होती है और जलप्रवाह की ऊर्जा को अधिकतम करने के लिए एक सर्पिल संरचना का उपयोग करती है।

    अंडरशॉट व्हील

    यह पारंपरिक टर्बाइन होती है जिसमें पानी का प्रवाह डिजाईन के आधार पर टर्बाइन के पंखों को नीचे से धक्का देता है।

    उपरोक्त 12 प्रकार के हाइड्रोलिक टर्बाइन अलग-अलग स्थितियों और आवश्यकता के अनुसार ऊर्जा उत्पादन के लिए उपयोग किए जाते हैं।