तरल गतिकी में 6 प्रकार के अशांति मॉडल की समीक्षा, जिनमें K-ε मॉडल से लेकर लैस डीएएस मॉडल तक के उपयोग और अनुप्रयोग शामिल हैं।

तरल गतिकी में 6 प्रकार के अशांति मॉडल
तरल गतिकी (Fluid Dynamics) में अशांति (Turbulence) एक महत्वपूर्ण अध्ययन क्षेत्र है, जिसमें द्रव का अनियमित और अस्त-व्यस्त प्रवाह शामिल होता है। अशांति के अध्ययन के लिए कई मॉडल विकसित किए गए हैं। यहां हम तरल गतिकी में उपयोग किए जाने वाले 6 प्रमुख अशांति मॉडलों का वर्णन करेंगे:
प्रत्यक्ष नग्नकारी सिमुलेशन (Direct Numerical Simulation – DNS)
DNS में अशांत प्रवाह के सभी पैमानों को सीधे हल किया जाता है। यह एक अद्वितीय समाधान तकनीक है, जिसमें बहुत छोटी छोटी समय और स्थान की पैमाइश होती है। हालांकि यह सबसे सटीक होता है, लेकिन इसके लिए उच्च गणनात्मक शक्ति और समय की आवश्यकता होती है।
बड़े एडी सिमुलेशन (Large Eddy Simulation – LES)
LES में बड़े पैमाने पर अशांत संरचनाओं को हल किया जाता है और छोटे पैमाने की अशांति का मॉडल किया जाता है। यह मॉडल DNS की तुलना में कम गणनात्मक भार की मांग करता है और व्यावहारिक इंजीनियरिंग समस्याओं में काफी उपयोगी है।
रेनॉल्ड्स औसत नवियर-स्टोक्स (Reynolds-Averaged Navier-Stokes – RANS)
RANS में अशांत प्रवाह को औसत किया जाता है और अशांति के प्रभावों को मॉडल करने के लिए टर्बुलेंस मॉडल्स का उपयोग किया जाता है। यह सबसे सामान्यत: उपयोग किया जाने वाला अशांति मॉडल है और इसका उपयोग विभिन्न इंजीनियरिंग अनुप्रयोगों में होता है।
k-\(\epsilon\) मॉडल
यह RANS आधारित टर्बुलेंस मॉडल है, जिसमें दो परिवहन समीकरणों का उपयोग किया जाता है: अर्थात् काइनेटिक एनर्जी \(k\) और डीसिपेशन रेट \(\epsilon\)। यह मॉडल निर्माण में आसानी और यथोचित सटीकता के कारण सामान्यत: उपयोग किया जाता है।
k-\(\omega\) मॉडल
इस मॉडल में भी दो परिवहन समीकरण होते हैं: काइनेटिक एनर्जी \(k\) और विशिष्ट अशांति दर \(\omega\)। यह मॉडल विशेष रूप से नज़दीकी-दीवार प्रवाहों के लिए उपयोगी है।
ट्रांजिशन मॉडल
ट्रांजिशन मॉडल का उद्देश्य Laminar-to-Turbulent ट्रांजिशन का सटीक पूर्वानुमान करना है। ये मॉडल संयोजन करते हैं k-\(\epsilon\) या k-\(\omega\) मॉडल के साथ अतिरिक्त समीकरणों का उपयोग कर के। यह मॉडल उन प्रवाह परिस्थितियों के लिए उपयोगी है जहां प्रवाह का ट्रांजिशन महत्वपूर्ण हो।
उपरोक्त अशांति मॉडल विभिन्न तरल गतिकी समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सही मॉडल का चयन समस्या की प्रकृति, आवश्यक सटीकता और गणनात्मक संसाधनों पर निर्भर करता है।