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थर्मल भंडारण के लिए 5 प्रकार की फेज परिवर्तन सामग्री

पढ़ें थर्मल भंडारण के लिए 5 प्रमुख फेज परिवर्तन सामग्री के प्रकार और उनकी विशेषताएं। ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के तरीके जानें।

थर्मल भंडारण के लिए 5 प्रकार की फेज परिवर्तन सामग्री

थर्मल भंडारण के लिए 5 प्रकार की फेज परिवर्तन सामग्री

थर्मल इंजीनियरिंग में, फेज परिवर्तन सामग्रियाँ (Phase Change Materials या PCMs) थर्मल भंडारण के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ये सामग्री अपनी अवस्था (phase) बदलने पर बड़ी मात्रा में ऊष्मा को संग्रहीत और मुक्त करती हैं। यहां थर्मल भंडारण के लिए उपयोग होने वाली 5 प्रमुख प्रकार की फेज परिवर्तन सामग्रियों का वर्णन किया गया है:

  • पैराफिन
  • पैराफिन कई प्रकार के तापमान पर उपलब्ध होते हैं और ये अच्छी थर्मल स्थिरता और पुनरावृत्ति क्षमता रखते हैं। इनके द्रवण और जमने के दौरान कोई सुपरकूलिंग नही होती है, जिससे ये थर्मल भंडारण हेतु उपयुक्त बनते हैं।

  • अकार्बनिक फेज परिवर्तन सामग्री
  • अकार्बनिक सामग्रियों में हाइड्रेटेड साल्ट, सेल्ट्स हाइड्रेट्स, क्लोरीड्स, नाइट्रेट्स और कार्बोनेट्स शामिल होते हैं। ये आमतौर पर उच्च तापमान पर कार्य करते हैं और इनमें ऊष्मा धारण क्षमता (Latent Heat Capacity) अधिक होती है। इनके द्रवण प्रक्रिया के दौरान सुपरकूलिंग की समस्या हो सकती है।

  • फैटी एसिड
  • फैटी एसिड थर्मल भंडारण के लिए एक अन्य प्रकार की फेज परिवर्तन सामग्री है। ये पर्यावरण के अनुकूल हैं और इनका थर्मल स्थिरता भी उच्च होती है। ये लगभग 20 डिग्री सेल्सियस से लेकर 60 डिग्री सेल्सियस तक कार्य करते हैं और ठोस से द्रव में बदलते समय उच्च ऊष्मा धारण क्षमता दिखाते हैं।

  • सोडियम सल्फेट डेकाहाइड्रेट
  • सोडियम सल्फेट डेकाहाइड्रेट (Glauber’s salt) एक और आम PCM है जो 32.4 डिग्री सेल्सियस पर पिघलता है। इसकी थर्मल धारण क्षमता और थर्मल स्थिरता अच्छी होती है। ये अन्य सामग्रियों के मुकाबले किफायती भी होता है।

  • पॉलीथिलीन ग्लाइकॉल
  • पॉलीथिलीन ग्लाइकॉल (PEG) एक सिंथेटिक ऑर्गेनिक पॉलीमर है। ये विभिन्न मोल वेट में उपलब्ध होते हैं और इनका उपयोग विभिन्न तापमानों पर संभव होता है। ये गैर-विषाक्त, जैव-अपघटनशील और पर्यावरण के अनुकूल होते हैं।

    इन फेज परिवर्तन सामग्रियों का उपयोग थर्मल ऊर्जा संग्रहण (Thermal Energy Storage) प्रणालियों में किया जाता है, जैसे सौर ऊर्जा संग्रहण, भवन थर्मल प्रबंधन, और तापीय नियंत्रण प्रणालियों में। इनकी उपयोगिता इस पर निर्भर करती है कि कौन सी PCM सामग्री की विशेषताएँ और गुण किसी विशिष्ट अनुप्रयोग के अनुकूल हैं।