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पिटोट ट्यूब से वेग कैसे मापा जाता है

पिटोट ट्यूब से वेग मापन विधि: सिद्धांत, कार्य पद्धति और उपयोग के साथ सरल हिंदी में समझाते हुए विस्तृत लेख।

पिटोट ट्यूब से वेग कैसे मापा जाता है

पिटोट ट्यूब से वेग कैसे मापा जाता है

पिटोट ट्यूब (Pitot Tube) एक उपकरण है जिसका उपयोग तरल या गैस की गति (वेग) को मापने के लिए किया जाता है। यह तकनीक मुख्य रूप से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग और औद्योगिक अनुप्रयोगों में उपयोग की जाती है। आइए जानें कि पिटोट ट्यूब से वेग कैसे मापा जाता है।

पिटोट ट्यूब का सिद्धांत

पिटोट ट्यूब के पीछे का बुनियादी सिद्धांत बर्नौली का समीकरण (Bernoulli’s Equation) है, जो स्थिर द्रव प्रवाह में ऊर्जा संरक्षण के नियम पर आधारित है। बर्नौली का समीकरण यह बताता है कि किसी बिंदु पर कुल ऊर्जा का योग स्थिर रहता है।

पिटोट ट्यूब का संरचना

  • पिटोट ट्यूब: यह मुख्य रूप से एक पतली ट्यूब होती है जिसकी एक छोर मुख्या प्रवाह की दिशा में होता है।
  • स्टैटिक पोर्ट: यह ट्यूब के किनारे पर होता है और स्थिर दबाव को मापता है।

कार्य विधि

जब तरल या गैस पिटोट ट्यूब के खुलने वाले छोर से टकराती है, तो उसका वेग शून्य हो जाता है और यह स्तैटिक और गतिज ऊर्जा को स्थैतिक दबाव में बदल देता है। यह मापा गया कुल दबाव (जो स्थिर दबाव और गतिज दबाव का योग है) होता है। जबकि, स्टैटिक पोर्ट द्वारा केवल स्थिर दबाव मापा जाता है।

समीकरण

बर्नौली का समीकरण इस प्रकार होता है:

Pt = Ps + \(\frac{1}{2}\) \(\rho\) V2

यहाँ,

  • Pt = कुल दबाव (Total Pressure)
  • Ps = स्थिर दबाव (Static Pressure)
  • \(\rho\) = द्रव का घनत्व (Density of Fluid)
  • V = द्रव का वेग (Velocity of Fluid)

इस समीकरण को पुनः व्यवस्थित करके, द्रव का वेग (V) इस प्रकार मापा जा सकता है:

V = \(\sqrt{\frac{2 (Pt – Ps)}{\rho}}\)

प्रयोग

  1. पिटोट ट्यूब को उस दिशा में रखें जिसका वेग मापना है।
  2. संपूर्ण दबाव और स्थिर दबाव मापें।
  3. समीकरण का उपयोग करके वेग गणना करें।

इस प्रकार, पिटोट ट्यूब का उपयोग करके आसानी से किसी भी प्रवाह माध्यम का वेग मापा जा सकता है।