जल उपचार रसायन: शुद्धिकरण और प्रक्रियाएँ – जानें कैसे थर्मल इंजीनियरिंग में जल को शुद्ध करने के विभिन्न तरीकों और रसायनों का उपयोग किया जाता है।

जल उपचार रसायन | शुद्धिकरण और प्रक्रियाएँ
जल उपचार रसायन (Water Treatment Chemicals) उन रसायनों का समूह होते हैं जो पानी को शुद्ध करने और उसमें से अशुद्धियों को हटाने के लिए प्रयोग किए जाते हैं। जल शुद्धिकरण एक अति महत्वपूर्ण प्रक्रिया है जिससे पीने का पानी और उद्योगों में उपयोग किया जाने वाला पानी सुरक्षित और शुद्ध बनाया जाता है।
जल शुद्धिकरण के विभिन्न प्रकार
रासायनिक शुद्धिकरण प्रक्रियाएँ
रासायनिक शुद्धिकरण में विभिन्न रसायनों का उपयोग करते हुए जल से अवांछित तत्वों को हटाया जाता है।
1. जमाव (Coagulation) और फ्लोक्युलेशन (Flocculation)
इस प्रक्रिया में Al(SO4)3 (एलुम) या FeCl3 जैसे कोएगुलेंट्स डाले जाते हैं जो पानी में छोटे छोटे कणों को मिलाकर बड़े बड़े फ्लोक्स (Flocs) बनाते हैं।
2. अवसादन (Sedimentation)
बड़े फ्लोक्स के बनने के बाद उन्हें अवसादित करने के लिए पानी ताम्र पात्रों में रखा जाता है। इसके बाद यह फ्लोक्स तली में बैठ जाते हैं और साफ पानी ऊपर आ जाता है।
3. फिल्ट्रेशन (Filtration)
फिल्ट्रेशन प्रक्रिया में पानी को रेत, चारकोल और अन्य फिल्टर मीडिया से गुजारा जाता है जिससे सूक्ष्म कण भी निकाल दिए जाते हैं।
4. कीटाणुशोधन (Disinfection)
इस प्रक्रिया में Cl2 (क्लोरीन) या O3 (ओज़ोन) का उपयोग किया जाता है ताकि पानी में मौजूद हानिकारक जीवाणुओं और वायरस को मारा जा सके।
प्रमुख जल उपचार रसायन
ये रसायन और प्रक्रियाएँ मिलकर जल को साफ, सुरक्षित और उपभोग हेतु उपयोगी बनाते हैं। प्रत्येक चरण के माध्यम से अशुद्धियों और हानिकारक तत्वों को प्रभावी ढंग से हटाया जाता है और हमें प्राप्त होता है स्वच्छ पानी।