न्यूक्लियर संयंत्रों में उपयोग होने वाले 6 प्रकार के स्टीम जनरेटर और उनके कार्य करने के तरीकों पर विस्तृत जानकारी।

न्यूक्लियर संयंत्रों में उपयोग होने वाले 6 प्रकार के स्टीम जनरेटर
न्यूक्लियर संयंत्रों में स्टीम जनरेटर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह गाइड छह प्रमुख प्रकार के स्टीम जनरेटरों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करता है, जो विभिन्न न्यूक्लियर संयंत्रों में उपयोग होते हैं।
1. पारंपरिक स्टीम जनरेटर
परंपरागत रूप से, ये जनरेटर अपनी सीधी संरचना के साथ कार्य करते हैं जिसमें एक बॉयलर होता है जो जल को भाप में बदलता है। इन्हें बड़ी-बड़ी औद्योगिक इकाइयों में भी देखा जा सकता है।
2. प्रेशराइज्ड वाटर रिएक्टर (PWR) स्टीम जनरेटर
PWR स्टीम जनरेटरों में, प्राथमिक शीतलक लूप का उपयोग किया जाता है। इसमें उच्च दबाव में पानी को गर्म किया जाता है और वह गर्म जल एक द्वितीयक लूप में प्रवेश करता है जहां भाप उत्पन्न होती है।
3. बॉयलिंग वाटर रिएक्टर (BWR) स्टीम जनरेटर
BWR स्टीम जनरेटर सीधे न्यूक्लियर रिएक्टर के जल को उबाल कर भाप उत्पन्न करते हैं। यहां पर प्राथमिक लूप और द्वितीयक लूप के बीच विभाजन नहीं होता।
4. प्रेसराइज्ड हैवी वॉटर रिएक्टर (PHWR) स्टीम जनरेटर
PHWR स्टीम जनरेटरों में भारी जल (ड्यूटेरियम ऑक्साइड) का उपयोग होता है। इसमें दो लूप होते हैं: प्राथमिक लूप में न्यूक्लियर रिएक्टर का भारी जल होता है जो गर्म होता है और फिर यह द्वितीयक लूप में जल को भाप बनाने के लिए तापांतरित करता है।
5. सोडियम-कूल्ड फास्ट रिएक्टर (SFR) स्टीम जनरेटर
SFR स्टीम जनरेटरों में सोडियम का उपयोग शीतलक के रूप में होता है। सोडियम की उच्च तापीय क्षमता इसकी क्षमता को बढ़ाती है। इसमें भी दो लूप होते हैं: एक सोडियम का और दूसरा जल का जो भाप में बदलता है।
6. फासिलिटी इंटीग्रेटेड मॉड्यूलर स्टीम जनरेटर
ये जनरेटर छोटे और मॉड्यूलर होते हैं। इन्हें आसानी से स्थापित और परिवहन किया जा सकता है। इनमें विभिन्न तकनीकों और डिजाइनों का संयोजन हो सकता है ताकि इन्हें विभिन्न अप्लिकेशनों में उपयोग किया जा सके।
ऊपर बताए गए सभी स्टीम जनरेटर न्यूक्लियर संयंत्रों में अलग-अलग तरीकों से उपयोग होते हैं, उनकी संरचना और कार्यप्रणाली में विभिन्नता होती है। सही चयन संयंत्र की जरूरतों और तकनीकी आवश्यकताओं पर निर्भर करता है।